प्रयोग से पहले उसकी सिद्धि आवश्यक है। सिद्धि के लिए 10,000
व का जप करना होता है। एक किलो शुद्ध घृत को चार किलो बकरी के दूध
में मिलायें और इसमें केवडे के फूल, सहजने की जड़ और सेंधा नमक डाल दें।
इसे हल्की आग पर रख दें। जब दवाएं और दूथ जल जायें तो उतार लें। इस
में पनः दूध और दवाएं डालें और हल्की आग पर रखें। इस प्रक्रिया को 3
अपनाएं। इसके सेवन से स्मृति-शक्ति की साधारण वृद्धि होती है। यहां तक
कहा गया है कि इससे गूंगे को भी कंठ मिलता है।

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